

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी खंड की कराड़ पंचायत में शुक्रवार सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को गहरे गम में डुबो दिया। सुबह सात बजे जब बादलों की गर्जना के साथ बारिश पहाड़ों पर कहर बरसा रही थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही पलों में खुशियों के सपनों को कुदरत मलबे में बदल देगी। तीन परिवारों के घरों के पीछे अचानक मिट्टी खिसकनी शुरू हुई।
देखते ही देखते भारी मलबा उनकी ओर लुढ़कने लगा और पहले गोशालाएं चपेट में आईं। दो महिलाएं, जो एक-दूसरे को बचाने का प्रयास कर रही थीं, मलबे में दब गईं। अफरातफरी में परिवारों ने एक-दूसरे को आवाज देकर बाहर भागने को कहा। कुछ लोग सुरक्षित स्थानों तक पहुंच गए, पर तीन लोग अपने परिजनों को बचाने की कोशिश में उसी चक्रव्यूह में फंस गए, जहां से निकल पाना असंभव था। जय चंद को मलबे ने बाहर की ओर धक्का दे दिया, जिससे उसके कान में चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया।







