Home Himachal News हाटी समुदाय को एसटी दर्जा देने को लेकर जारी अधिसूचना पर बहस...

हाटी समुदाय को एसटी दर्जा देने को लेकर जारी अधिसूचना पर बहस शुरू

254
0
हिमाचल हाईकोर्ट में बुधवार से लगातार गिरीपार के हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने को लेकर जारी अधिसूचना पर बहस शुरू हो गई है।

सिरमौर जिला के गिरीपार के हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने को लेकर जारी अधिसूचना पर हिमाचल हाईकोर्ट में बुधवार से लगातार बहस शुरू हो गई है। एसटी दर्जे के खिलाफ सबसे पहले गुर्जर समुदाय आज भी अपना पक्ष रखेगा। गुर्जर समाज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने केंद्र सरकार की ओर से हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा देने के फैसले पर विरोध जताया और इस संबंध में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और एसटी दर्जे देने के भारत के संविधान में क्या प्रावधान है के तथ्यों अदालत के समक्ष रखे।

उन्होंने अदालत को बताया कि हाटी समुदाय एसटी का दर्जा देने के मापदंड पर खरा नहीं उतरता। एसटी का दर्जा देने के लिए शैक्षणिक, आर्थिक पिछडापन, एथनिक ग्रुप सहित कई मापदंड हैम, जिसको हाटी समुदाय पूरा नहीं करता है। हाटी समुदाय को एसटी का दर्जा दिया गया है चाहे वह छोटी जाति का हो या बड़ी का, साधन संपन्न लोगों को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने जॉनसार बावर क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि उनका रहन-सहन भाषा, बोली संस्कृति अलग-अलग है। जबकि हाटी समुदाय में सभी जातियां जैसे कि भाट्ट, ब्राह्मण, खश, लोहार, गुर्जर, कोली, अनुसूचित जनजाति अन्य को शामिल किया गया है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here