

हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर के पड्डल वार्ड में गुरुद्वारा के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से आधा दर्जन घर खतरे की जद में आ गए हैं। यहां प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इन घरों को खाली करवा दिया है। सोमवार रात भी यहां भूस्खलन होने से जोर के धमाके की आवाज आई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और पूरा मोहल्ला ही घरों से बाहर निकल आया। प्रभावित योगेश राणा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला शुरू हुआ। इस कारण आधा दर्जन घरों पर खतरा मंडरा गया है। एक घर की छत पर यह सारा मलबा गिरा हुआ है जबकि पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान और पत्थरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए यहां कुछ ऐसी व्यवस्था करने की मांग उठाई है ताकि खतरे को टाला या कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि वे अपने घरों में नहीं रुक पा रहे हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों के घरों पर शरण लेनी पड़ी है।
प्रभावित दीक्षा राणा और पार्वती शर्मा ने बताया कि यहां घरों में लगातार रिसाव हो रहा है, जिसमें सिवरेज का गंदा पानी और मल आदि भी होता है। दीक्षा अपनी समस्या बताते हुए रो पड़ीं और कहा कि घरों के धरातल पर इतना ज्यादा पानी आ रहा है कि मोटर लगाकर उस पानी को निकालना पड़ रहा है और बदबू से लोगों का जीना दूभर हो गया है। प्रशासन और नगर निगम को कई बार इस समस्या से अवगत करवाया लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। लोगों ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी गहरा रोष व्यक्त किया है।
रात करीब साढ़े 8:00 बजे जब यहां पर भूस्खलन हुआ तो जोर का धमाका हुआ। इस धमाके की आवाज से खतरे की जद वाले घरों के लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ भागे, लेकिन उनकी देखा-देखी में पूरे मोहल्ले के लोग घबरा गए और सभी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। पूरी रात यहां डर का माहौल देखने को मिला। नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर आकर सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया। स्थानीय निवासी प्रवीण शर्मा ने बताया कि लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए थे, जबकि पूरे मोहल्ले को कोई खतरा नहीं था।







