

शिमला शहर का बोझ कम करने के लिए जाठिया देवी में मैग्नेट सिटी बनाने की उम्मीद जगी है। हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) ने शिमला से करीब 25 किलोमीटर दूर मैग्नेट सिटी बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में कालोनियों के नक्शे जमा करा दिए गए हैं। एक महीने के भीतर नक्शों को मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। प्रदेश सरकार लोन लेकर या फिर किसी एजेंसी के साथ मिलकर इस सिटी का निर्माण करेगी। 224 हेक्टेयर जमीन पर वन, टू और थ्री रूम फ्लैट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही जाठियादेवी में हेलीपेड, अस्पताल और शॉपिंग माल का भी निर्माण होगा।
सरकार जाठिया देवी में ऐसा शहर बसाना चाहती है, जो निवेश और रोजगार के अवसरों के लिए लोगों को आकर्षित करे। इसे मैग्नेट सिटी का नाम दिया गया है। पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए इसमें सौर ऊर्जा का उपयोग होगा। इसके अलावा अपशिष्ट प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन के विशेष प्रावधान होंगे। इसके लिए शिमला ग्रामीण के मझौला, आंजी, शिल्डू, दनोखर, शिल्ली बागी, पंटी, कयारगी, चानन में जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) यहां विला और ईको रिजॉर्ट का भी निर्माण करेगा। करीब 13 साल बाद जाठिया देवी में टाउनशिप स्थापित करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई है। पूर्व वीरभद्र सरकार के समय भी इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया था। शिमला शहर पर लगातार बढ़ रहे जनसंख्या के दबाव को कम करने के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर जाठिया देवी में मैग्नेट सिटी स्थापित करना चाहती है।
मैग्नेट सिटी ऐसे शहर होते हैं, जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं, खासकर निवेश और विकास के लिए। ये शहर अकसर बड़े महानगरीय क्षेत्रों के बाहर स्थित होते हैं और उनका विकास इस तरह किया जाता है कि जहां लोग रह भी सकें और अपना व्यवसाय भी कर सकें। इससे बड़े शहरों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में कालोनियों के नक्शे जमा करा दिए गए हैं। एक महीने के भीतर नक्शों को मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। सरकार लोन लेकर या फिर किसी एजेंसी के साथ मिलकर मैग्नेट सिटी का निर्माण करेगी। – राजेश धर्माणी, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री







