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एलडीआर के पांच फीसदी कोटे से एसएमसी शिक्षकों की भर्ती पर रोक,  मौजूदा प्रस्ताव में एसएमसी को मिलने वाले कम पदों की वजह से शिक्षा मंत्री ने लिया फैसला

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एसएमसी के तहत शिक्षकों की सीमित विभागीय भर्ती (एलडीआर) के पांच फीसदी कोटे से की जा रही भर्ती पर रोक लगा दी है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह एसएमसी शिक्षकों की भर्ती के लिए टीजीटी, जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के कुल 38,000 कैडर के पांच फीसदी के आधार पर नया प्रस्ताव तैयार करे। पढ़ें पूरी खबर...

हिमाचल प्रदेश में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के तहत शिक्षकों की सीमित विभागीय भर्ती (एलडीआर) के पांच फीसदी कोटे से की जा रही भर्ती पर रोक लगा दी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मौजूदा प्रस्ताव में एसएमसी को मिलने वाले कम पदों को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रस्ताव में बैचवाइज शिक्षकों की भर्ती संख्या के आधार पर एसएमसी शिक्षकों के लिए केवल 142 पद निर्धारित किए गए थे, जबकि सरकार के अनुसार यह संख्या शिक्षकों के वास्तविक कुल कैडर के अनुपात में बेहद कम हैं। शिक्षा मंत्री ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए बीते दिनों स्कूल शिक्षा बोर्ड को प्रश्नपत्र तैयार करने के निर्देश भी वापस लेने को कहा है।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह एसएमसी शिक्षकों की भर्ती के लिए टीजीटी, जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के कुल 38,000 कैडर के पांच फीसदी के आधार पर नया प्रस्ताव तैयार करे। इस हिसाब से एसएमसी शिक्षकों के लिए करीब 1900 पदों का प्रस्ताव बन सकता है। ऐसे में अब भर्ती प्रक्रिया को पूरे कैडर स्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर नए सिरे से तैयार किया जाएगा, जिससे किसी वर्ग के साथ भेदभाव न हो। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि जब तक नए सिरे से पदों की गणना नहीं हो जाती, तब तक एलडीआर के तहत एसएमसी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को स्थगित रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य योग्य शिक्षकों को अवसर देना है, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत होनी चाहिए। इसीलिए पदों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है। एलडीआर यानी लिमिटेड डिपार्टमेंटल रिक्रूटमेंट कोटा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में उन पदों का हिस्सा होता है, जिन्हें विभागीय उम्मीदवारों या विशेष श्रेणी के कर्मचारियों से भरा जाता है। एसएमसी शिक्षकों को इस कोटे से अवसर दिए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे योग्य शिक्षकों को स्थायी अवसर मिल सके।

अधिकारियों ने बताया कि पुराने प्रस्ताव में बैच के आधार पर शिक्षकों की संख्या के अनुसार एसएमसी के लिए पद तय किए गए थे। इसमें केवल 900 बैचवाइज पदों को आधार मानकर 5 फीसदी कोटा निकाला गया था। इससे एसएमसी के हिस्से में मात्र 142 पद आए। यह अनुपात पूरे राज्य के शिक्षकों की वास्तविक संख्या की तुलना में बहुत कम था, जिसके कारण कई जिलों में शिक्षकों और संगठनों ने आपत्ति जताई थी। अब वह सभी शिक्षण कैडरों (टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी) की कुल स्वीकृत संख्या को आधार बनाकर एलडीआर के तहत एसएमसी शिक्षकों की भर्ती के लिए संशोधित प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। संशोधित प्रस्ताव के स्वीकृत होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते जिन स्कूलों को बंद किया गया है, वहां कार्यरत एसएमसी शिक्षकों को नजदीक के स्कूलों में ही नियुक्तियां दी जाएंगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी करने को कहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि एसएमसी शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों में ना भेजा जाए

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