
542 करोड़ की तुलना में अक्तूबर में आए 519 करोड़
सीमेंट, छोटी गाडिय़ों का टैक्स स्लैब बदलने से झटका
हिमाचल में अगले साल की ग्रोथ पर भी पड़ेगा असर
देश में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी की दरें कम होने से उपभोक्ताओं को बेशक फायदा हुआ हो, लेकिन राज्य को नुकसान हो रहा है। सितंबर की कलेक्शन जो अक्तूबर महीने में जारी हुई, उसमें हिमाचल की जीएसटी कलेक्शन गिरी है। अक्तूबर के महीने में पिछले साल 542 करोड़ रुपए का जीएसटी इक_ा हुआ था, जबकि इस साल 519 करोड़ पर ही गाड़ी रुक गई।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट भी कहती है कि अक्तूबर महीने में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 20 की जीएसटी कलेक्शन गिरी है। हिमाचल को लेकर संकट कुछ और तरह का है। हिमाचल में सीमेंट और छोटी कारों पर कलेक्शन कम हुई। सीमेंट पहले 28 फीसदी जीएसटी पर था, जो 18 पर आ गया और यही स्थिति छोटी कारों के मामले में थी।
राज्य के लिए चिंता की बात सिर्फ कलेक्शन गिरना ही नहीं है। इस गिरावट के कारण अगले साल जीएसटी कलेक्शन में सामान्य तौर पर होने वाली सात से आठ फीसदी की ग्रोथ भी अब नहीं होगी। हिमाचल को जीएसटी के कारण दो तरह से मार पड़ी है। एक तो राज्य के फार्मा हब बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में होने वाले दवा निर्माण का लाभ कलेक्शन में नहीं हो रहा







