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जाठिया देवी टाउनशिप के विरोध में ग्रामीणों ने लगाया ‘सर्वे कंपनी गो बैक’ का नारा, स्वास्थ्य मंत्री का भी घेराव

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शिमला के जाठिया देवी में प्रस्तावित माउंटेन टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने से स्थानीय लोगों ने साफ इन्कार कर दिया है। सोमवार को प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले जनसुनवाई के दौरान गुस्साए लोगों ने जाठिया देवी से गुजर रहे स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल का घेराव कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...

राजधानी शिमला से करीब 20 किमी दूर जाठिया देवी में प्रस्तावित माउंटेन टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने से स्थानीय लोगों ने साफ इन्कार कर दिया है। लोगों का कहना है कि गरीबों के आशियाने उजाड़कर नया शहर बसाने की तैयारी की जा रही है।

सोमवार को प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले जनसुनवाई के दौरान गुस्साए लोगों ने जाठिया देवी से गुजर रहे स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल का घेराव कर दिया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं होगा, मंत्री विक्रमादित्य और मुख्यमंत्री से मामला उठाएंगे। इतना ही नहीं लोगों ने प्रोजेक्ट के लिए सर्वे कर रही कंपनी के खिलाफ गो बैक के नारे भी लगाए। इस मौके पर एसडीएम शिमला ग्रामीण के समक्ष प्रभावितों ने लिखित आपित्तयां दर्ज करवाईं। 

शिमला शहर में बढ़ती भीड़ और दबाव को कम करने के लिए जाठिया देवी में सैटेलाइट माउंटेन टाउनशिप बनाने की योजना है। भूमि अधिग्रहण और प्लानिंग का जिम्मा हिमुडा को सौंपा गया है। बागी पंचायत के तहत 8 गांवों की भूमि का अधिग्रहण होेना है। 2014 में 250 बीघा जमीन लोगों ने स्वेच्छा से दी थी, अब 3000 बीघा से अधिक जमीन का अधिग्रहण होगा। यहां पहले चरण में 119 फ्लैट बनेंगे। इसमें वन, टू और थ्री बीएचके फ्लैट के अलावा विला ओर इको रिजॉर्ट बनाए जाने हैं।

बागी पंचायत के उपप्रधान देसराज ने कहा कि पंचायत के 8 राजस्व गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। स्थानीय लोगों ने एक मत निर्णय लिया है कि किसी भी कीमत में प्रोजेक्ट के लिए जमीन नहीं देंगे।  प्रोजेक्ट किसी अन्य जगह पर शिफ्ट किया जाए। स्थानीय लोगों को खानाबदोश बनाकर गैर हिमाचलियों को बसाने का षड्यंत्र रचा जा है। चनान गांव के सहीराम ने बताया कि सर्वे के मुताबिक खेत, खलिहान, घर सब कुछ लेने की तैयारी है। कोई राष्ट्रहित का प्रोजेक्ट होता तो थोड़ी बहुत जमीन दे भी देते, लेकिन यह तो कमाई का मॉडल है।

शिल्ली बागी के राम रतन ने बताया कि स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना ही अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है। देवता जुन्गा के कारदार बालकृष्ण ने बताया कि इस क्षेत्र में 11 मंदिर हैं, उनका भी अधिग्रहण होना है।  पूर्व प्रधान मदन लाल शास्त्री ने कहा कि सरकार ने सामाजिक प्रभाव आकलन के लिए सर्वे किया, रिपोर्ट में माना है कि उपजाऊ भूमि है, आजीविका का मुख्य साधन खेती है, लोगों के पास रोजगार नहीं है। पूर्व प्रधान उमा शाडिल ने बताया कि जब से पंचायत भवन पर नोटिस लगा है, हम दशहत में हैं।

जाठिया देवी के मझयार में भूमि अधिग्रहण मामले को लेेकर लोगों ने उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) कंडाघाट के पास अपनी आपत्तियां रखीं। साथ ही लोगों ने सात दिन का समय भी मांगा है। एसडीएम ने इस मुद्दे पर लोगों को सात दिन का समय विचार विर्मश करने के लिए दिया है। इसके बाद लोग फिर एसडीएम के समक्ष अपनी बात को रखेंगे। सोमवार को सात लोगों ने अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी है। एसडीएम गोपाल चंद शर्मा ने हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण, पुनर्स्थापना एवं पुनर्वास में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 5 के अंतर्गत जन सुनवाई की अधिसूचना जारी की थी। इसमें कंडाघाट की उपतहसील ममलीग के महाल मझयारी में भूमि अधिग्रहण मामले लोगों की बात को सुना। 

एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत कुमार शर्मा ने बताया कि टाउनशिप के 8 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। हिमुडा को यह काम सौंपा गया है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 की धारा-4 के तहत प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिग्रहण से पहले लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। लोगों ने अपनी आपत्तियों से अवगत करवाया है। इन्हें फाइनल रिपोर्ट में शामिल करने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं जाठिया देवी में बन रहे माउंटेन टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए पंचायत बागी के आठ गांवों की भूमि का अधिग्रहण का लोगों ने विरोध किया है। यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी अमित ठाकुर ने कहा कि इस भूमि अधिग्रहण से ग्रामीणों का रोजगार खत्म हो जाएगा। लोग भूमिहीन हो जाएंगे। ग्रामीणों का पक्ष नहीं सुना तो इसका विरोध करेगा। 

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