Home Himachal Weather मानसून का कहर जारी! हिमाचल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित, कई इलाकों...

मानसून का कहर जारी! हिमाचल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित, कई इलाकों में बढ़ीं मुश्किलें, जानें पूरी खबर

10
0
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। 14 अगस्त सुबह तक प्रदेश में 140 सड़कें बंद, 46 बिजली ट्रांसफार्मर और 244 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 52 सड़कें बंद हैं। वहीं, 13 अगस्त तक मानसून में आपदा से 177 लोगों की मौत और 271 लोग घायल हुए हैं। बारिश से प्रदेश को अब तक 955.52 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से दुश्वारियां लगातार बढ़ रही हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की शुक्रवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 140 सड़कें बंद, 46 बिजली ट्रांसफार्मर ठप और 244 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। एक दिन पहले शाम की रिपोर्ट में 136 सड़कें बंद, नौ ट्रांसफार्मर बाधित और 242 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं। यानी सुबह तक सड़क बंद होने और पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

मंडी में सबसे ज्यादा 52 सड़कें बंद
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है। यहां 52 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज में 35, थलौट में सात, पधर में पांच, सुंदरनगर और जोगिंदरनगर में एक-एक, धर्मपुर में एक और सरकाघाट में दो सड़कें शामिल हैं। जिले में 212 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर भी प्रभावित बताए गए हैं। इसके बाद कुल्लू में 37 सड़कें बंद हैं। बंजार में 15, कुल्लू में आठ, आनी में छह और निरमंड में आठ सड़कें प्रभावित हैं। जिले में बंजार के दो और मनाली का एक ट्रांसफार्मर भी बाधित है।

चंबा जिले में बारिश और भूस्खलन के कारण कुल 29 सड़कें बंद हैं। इनमें चंबा उपमंडल की चार, डलहौजी की एक, तीसा की आठ, भरमौर की दो, सलूणी की चार, पांगी की एक और भटियात की नौ सड़कें शामिल हैं। जिले में छह ट्रांसफार्मर और 16 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।

शिमला जिले में चार सड़कें बंद हैं। ठियोग, रामपुर और सुन्नी में एक-एक सड़क प्रभावित है। वहीं सिरमौर में छह सड़कें बंद हैं, जिनमें नाहन की तीन, संगड़ाह की तीन और राजगढ़ की एक सड़क शामिल है। सिरमौर में 35 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। ऊना में भी चार सड़कें बंद हैं। इनमें ऊना उपमंडल की दो और गगरेट की दो सड़कें शामिल हैं।

मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 13 अगस्त तक प्रदेश में आपदा से 177 लोगों की मौत दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार 271 लोग घायल हुए हैं और 708 पशुओं की मौत हुई है। मानसून से अब तक कुल नुकसान 95,552.23 लाख रुपये दर्ज किया गया है।
जिला स्तर पर आपदा से मौतों में चंबा 25, कुल्लू 23, सिरमौर 23, कांगड़ा 22 और शिमला 22 मौतों के साथ प्रभावित जिलों में शामिल हैं। मंडी में 10, सोलन में 10 और ऊना में 10 मौतें दर्ज हैं।

सड़क हादसों में 100 लोगों की जान गई
मानसून अवधि में सड़क हादसे भी जानलेवा साबित हुए हैं। रिपोर्ट में सड़क दुर्घटनाओं में 100 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें चंबा में 16, सिरमौर में 16, कुल्लू में 14, कांगड़ा में 10 और शिमला में 11 मौतें शामिल हैं।

चिंतपूर्णी मेले के चलते ऊना में रूट डायवर्ट
ऊना में श्रावण अष्टमी मेले के चलते यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 21 अगस्त तक मुबारकपुर से देहरा और अन्य गंतव्यों की ओर जाने वाले सभी भारी मोटर वाहन (HMV) अंब-कालोहा मार्ग से भेजे जाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here