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हिमाचल में CBSE स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पर बड़ा बदलाव, सरकार ने वापस ली अधिसूचना

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पूरी खबर:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य सरकार ने शिक्षकों को उनकी पसंद के स्कूलों में तैनात करने से संबंधित 5 अक्टूबर को जारी अधिसूचना वापस ले ली है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने इसकी जानकारी दी। अदालत के निर्देशों के बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

हाईकोर्ट ने शिक्षकों के हितों की सुरक्षा के दिए निर्देश

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे याचिकाकर्ताओं के हित प्रभावित हों।

वहीं, याचिकाकर्ताओं ने भी अदालत को भरोसा दिलाया कि अगली सुनवाई तक वे पहले पारित किसी आदेश को लागू करवाने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे। अब 4 नवंबर को होने वाली सुनवाई में शिक्षक काडर के नियमों में किए गए बदलाव को लेकर दोनों पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे।

आखिर क्या था पूरा विवाद?

दरअसल, सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती मेरिट के आधार पर किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित थी। शिक्षकों की योग्यता और मेरिट तय करने के लिए सरकार की ओर से परीक्षा भी आयोजित की गई थी।

इसके बाद 5 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में सरकार ने तैनाती की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए शिक्षकों से उनकी पसंद के स्कूलों के विकल्प मांगने का फैसला लिया था। इस व्यवस्था के तहत शिक्षक अपनी प्राथमिकता के अनुसार स्कूल चुन सकते थे और उपलब्ध पदों के साथ उनकी पसंद को ध्यान में रखकर तैनाती की जानी थी।

उप काडर नियमों में बदलाव से बढ़ा विवाद

शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया के बीच सरकार ने उप काडर गठन की उप योजना के पैरा-5.5 में संशोधन किया। इसी बदलाव को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। अदालत ने सरकार से अधिसूचना के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा था।

अब सरकार की ओर से अधिसूचना वापस लिए जाने के बाद मामले में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 4 नवंबर को होने वाली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर शिक्षक काडर नियमों में किए गए बदलाव को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।l

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