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मंडी में पाइपलाइन से घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस, सिलिंडर की परेशानी से मिल सकती है राहत
हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में आने वाले समय में लोगों को रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी के इंतजार से राहत मिल सकती है। शहर में पाइपलाइन के माध्यम से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए टारना और चडयारा में जमीन चिह्नित कर ली गई है, जबकि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
टारना और चडयारा में जमीन चिह्नित
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जिला नियंत्रक बृजेंद्र सिंह के अनुसार, मंडी शहर के टारना और चडयारा में जमीन का चयन कर लिया गया है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी जमीन चिह्नित करने के बाद आगे की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का अगला चरण शुरू किया जाएगा।
इस योजना के तहत गैस वितरण के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके बाद घरों तक पाइपलाइन बिछाने और उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
सिलिंडर बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से मिलेगी राहत
पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की आपूर्ति सीधे पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक होती है। कनेक्शन मिलने के बाद लोगों को बार-बार गैस सिलिंडर बुक करने, डिलीवरी का इंतजार करने और खाली सिलिंडर बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। अब मंडी के साथ कांगड़ा, हमीरपुर और सिरमौर में भी इसे शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए गैस आपूर्ति की जिम्मेदारी गैसोनेट कंपनी को सौंपी गई है।
कब तक मिलेगी सुविधा?
मंडी शहर के सभी घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। परियोजना की आगे की प्रक्रिया नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अंतिम मंजूरी मिलने पर भी निर्भर करेगी।
ऐसे में मंडी के लोगों को इस सुविधा के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, परियोजना पूरी होने और घरों में कनेक्शन उपलब्ध होने के बाद रसोई गैस की आपूर्ति पहले से अधिक सुविधाजनक हो सकती है।








