

शिमला शहर में अब 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की एचआरटीसी और निजी बड़ी बसें दाखिल नहीं होंगी। परिवहन विभाग की अध्यक्षता में आयोजित एचआरटसी, निजी बस ऑपरेटरों, निजी बस चालक परिचालकों की बैठक यह फैसला लिया गया है।
इसके तहत मंगलवार से रामपुर की ओर से आनी वाली बसें टॉलैंड से वाया खलीनी होकर आईएसबीटी जाएंगी। सोलन और बालूगंज की ओर से आने वाली बसें पुराना बस स्टैंड नहीं जाएंगी। यह बसें टुटीकंडी क्रॉसिंग होकर सीधे आईएसबीटी जाएंगी।
परिवहन विभाग ने एचआरटीसी को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बैठक में मांगें पूरी होने के बाद अब सोमवार से निजी बस चालक परिचालक संघ ने हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि एचआरटीसी की बड़ी बसों के कारण शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस वजह से शहर की जनता के साथ ही ऑपरेटरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बड़ी बसों के शहर में न आने से लोगों को परेशानी होगी।
बैठक में टुटीकंडी क्रॉसिंग में चार्जिंग के लिए जाने वाली बसों के सवारियां उठाने का मुद्दा भी उठाया गया। एचआरटीसी स्कूल बसों में सवारियों को उठाने के मामले को लेकर निर्णय लिया कि निजी बस ऑपरेटर इसकी सूचना एचआरटीसी को देंगे और इसके बाद निगम सवारियां उठाने के मामले में कार्रवाई करेगा।
परिवहन विभाग के कार्यालय में रविवार को कई घंटे चली बैठक के बाद निजी बस ऑपरेटरों की तीन प्रमुख मांगों को पूरा करने पर सहमति बनी है। वर्ष 2011 में उपायुक्त शिमला ने इसको लेकर निर्देश दिए थे। उस वक्त लोगों के विरोध के कारण आज तक इन निर्देशों को लागू नहीं किया जा सका है।
अब 40 किलोमीटर से अधिक दूरी और बढ़ी बसों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसी बसें आईएसबीटी जाएंगी। वर्ष 2011 में उपायुक्त शिमला के निर्देशों को मंगलवार से लागू किया जाएगा। एक सप्ताह तक पूरी व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। इसमें विशेष ख्याल रखा जाएगा कि लोगों को असुविधा न हो। –अनिल कुमार शर्मा, आरटीओ
शिमला निजी बस प्राइवेट यूनियन के अध्यक्ष रूपलाल ठाकुर ने कहा कि हमारी तीनों मांगों को बैठक में मान लिया है। इसको देखते हुए सोमवार को होने वाली हड़ताल को टाल दिया गया है। एक सप्ताह में अगर हमारी तीनों मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो हम दोबारा से हड़ताल पर चले जाएंगे।







