Home Himachal News अगले हफ्ते हिमाचल कैबिनेट की बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला संभव

अगले हफ्ते हिमाचल कैबिनेट की बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला संभव

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प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक अगले हफ्ते हो सकती है। अभी सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बैठक का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को जाएगा।

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक अगले हफ्ते हो सकती है। अभी सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बैठक का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को जाएगा। वहीं इस पर निर्णय लेंगे कि इसे कब रखा जाना है। इस बैठक में नए वर्ष के शुरू में लागू की जा रही योजनाओं पर चर्चा हो सकती है। राज्य सचिवालय में होने जा रही इस बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मामलों पर चर्चा हो सकती है। मंत्रिमंडल की पिछली बैठक शीत सत्र से पहले शिमला में हुई थी।

वहीं, सरकारी खर्चे पर देश के विभिन्न राज्यों में जाने वाले अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार ने नियमों को सख्त किया है। केंद्र ने तीन एजेसियां हायर की हैं। इसमें बालमर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड (बीएलसीएल) अशोक ट्रैवल्स एंड टूर (एटीटी) और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) शामिल हैं। इन एजेंसियों के जरिये ही हवाई टिकट की बुकिंग की जाएगी। पहले अधिकारी निजी ट्रैवल एजेंसी, ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल व सीधे एयरलाइंस से बुकिंग करते थे, केंद्र ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की बुकिंग मान्य नहीं होगी। केंद्र सरकार की ओर से इसका भुगतान नहीं किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए) चरण तीन के निदेशक डॉ. आईके पटेरिया ने हिमाचल सरकार को यह आदेश जारी किए हैं।

दरअसल, हिमाचल के अधिकारी अकसर विकास कार्यों की देखने के लिए देश में दौरे के लिए जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और ग्रामीण योजनाओं की जानकारी लेने के लिए अधिकारी टूअर पर जाते हैं। इन टूअर प्रोग्राम में लाखों रुपये का खर्चा आ जाता है। केंद्र से जुड़ी योजनाओं की जानकारी लेने के लिए राशि की प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार वहन करती है। केंद्र की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अधिकारियों को सभी हवाई यात्राओं के लिए अधिकृत सरकारी ट्रैवल एजेंसियों से ही टिकट बुक करने होंगे। किसी भी निजी ट्रैवल एजेंसी, ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल या सीधे एयरलाइंस से बुक किए गए टिकटों पर किसी भी परिस्थिति में प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) नहीं की जाएगी।

केंद्र सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने सभी राष्ट्रीय गुणवत्ता पर्यवेक्षकों, राज्य तकनीकी सहायता एजेंसियों, परियोजना तकनीकी सहायता, गैर-एनआरआईडीए कार्मिकों और विशेषज्ञों जो पीएमजीएसवाई या अन्य कार्यों के तहत निरीक्षण में संलग्न हैं को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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