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 इनर अखाड़ा बाजार में मलबे और पत्थरों में दबीं जिंदगियों के लिए जंग लड़ रहे जवान

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एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, पुलिस, होमगार्ड और दमकल विभाग के जवान जान जोखिम में डालकर पत्थरों से जंग लड़ रहे हैं।

इनर अखाड़ा बाजार की तंग गलियों में मूसलाधार बारिश के बीच मलबे के ढेर में दबी आठ जिंदगियों की तलाश जारी है। एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, पुलिस, होमगार्ड और दमकल विभाग के जवान जान जोखिम में डालकर पत्थरों से जंग लड़ रहे हैं। हर फावड़ा, हर कुदाल उम्मीद की एक किरण है कि शायद किसी मलबे के नीचे अब भी कोई सांसें ले रहा हो। बुधवार को लगातार पत्थर गिरने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा था। गुरुवार सुबह एक नई जगह पर रेस्क्यू फिर शुरू हुआ।

तंग जगह, भारी मलबा और निरंतर बारिश के बावजूद जवान पीछे नहीं हटे। इनके साथ स्थानीय युवा भी सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनर अखाड़ा बाजार में पहाड़ी के मलबे में दबी आठ जिंदगियों की तलाश के लिए जवान मूसलाधार बारिश के बीच डटे रहे। बीते बुधवार को दिन भर एनडीआरएफ जवान सहित दो लोगों की तलाश दिनभर जारी रही। गुरुवार सुबह दूसरे स्थान पर दस लोग भूस्खलन की चपेट में आ गए। चार लोगों को निकाल लिया है। इनमें एक की मौत हो चुकी है। एक महिला समेत अभी 6 लोग मलबे में दबे हैं। दो दिनों में भूस्खलन के कारण 8 लोग मलबे में दबे हैं। 

मलबे को हटाने के लिए जेसीबी भी लगाई गई है लेकिन जगह तंग होने से मलबा हटाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बलों के जवान बड़े स्तर पर मलबे और पत्थरों से जंग लड़ रहे हैं। इनर अखाड़ा बाजार की गली बहुत ही तंग होने के कारण वाहनों की आवाजाही को भी परेशानी हो रही है। मलबा ढोने के लिए 6 से अधिक डंपर लगा रखे हैं। जिस स्थान पर मलबा गिरा है, वहां एक जेसीबी भी ठीक से काम नहीं कर पा रही है।

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