धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश)। साइबर अपराधियों ने पार्सल डिलीवरी के नाम पर लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। ठग मोबाइल पर संदेश भेजकर पार्सल ट्रैक करने का झांसा दे रहे हैं।
मैसेज में लिखा होता है कि अधूरे पते की वजह से पार्सल डिलीवरी रोक दी गई है और स्थिति जानने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। धोखेबाज़ मैसेज को असली दिखाने के लिए बड़ी ऑनलाइन कंपनियों का नाम और लोगो भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी अभिषेक, राजन और साहिल को भी ऐसे संदेश मिले, लेकिन उन्होंने सतर्कता दिखाई और लिंक पर क्लिक नहीं किया। उनका कहना है कि उन्होंने हाल ही में कोई ऑनलाइन ऑर्डर ही नहीं किया था, जिससे उन्हें संदेह हुआ और वे ठगी से बच गए।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में वायरस या मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जिससे बैंकिंग डाटा और निजी जानकारी अपराधियों के हाथ लग सकती है।
एएसपी साइबर क्राइम प्रवीण धीमान ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध लिंक पर बिल्कुल भी क्लिक न करें और यदि ऐसा कोई मैसेज मिले तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश)। साइबर अपराधियों ने पार्सल डिलीवरी के नाम पर लोगों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। ठग मोबाइल पर संदेश भेजकर पार्सल ट्रैक करने का झांसा दे रहे हैं।
मैसेज में लिखा होता है कि अधूरे पते की वजह से पार्सल डिलीवरी रोक दी गई है और स्थिति जानने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। धोखेबाज़ मैसेज को असली दिखाने के लिए बड़ी ऑनलाइन कंपनियों का नाम और लोगो भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी अभिषेक, राजन और साहिल को भी ऐसे संदेश मिले, लेकिन उन्होंने सतर्कता दिखाई और लिंक पर क्लिक नहीं किया। उनका कहना है कि उन्होंने हाल ही में कोई ऑनलाइन ऑर्डर ही नहीं किया था, जिससे उन्हें संदेह हुआ और वे ठगी से बच गए।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में वायरस या मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जिससे बैंकिंग डाटा और निजी जानकारी अपराधियों के हाथ लग सकती है।
एएसपी साइबर क्राइम प्रवीण धीमान ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध लिंक पर बिल्कुल भी क्लिक न करें और यदि ऐसा कोई मैसेज मिले तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।