Home Education हिमाचल शिक्षा विभाग में एरियर की गणना पर सख्ती, प्री-रिवाइज्ड वेतनमान से...

हिमाचल शिक्षा विभाग में एरियर की गणना पर सख्ती, प्री-रिवाइज्ड वेतनमान से ही बनेगा 2016-2021 का एरियर

12
0



शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कर्मचारियों के वेतन एरियर की गणना को लेकर सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 की अवधि के वेतन एरियर की गणना संशोधित वेतनमान यानी रिवाइज्ड पे स्केल के बजाय प्री-रिवाइज्ड पे स्केल के आधार पर ही की जाएगी।


निदेशालय की ओर से जारी ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ डीडीओ द्वारा इस अवधि के एरियर की गणना संशोधित वेतनमान के आधार पर किए जाने के मामले सामने आए हैं। विभाग ने इसे सरकार की ओर से जारी निर्देशों के विपरीत माना है।


सरकार ने जारी की है 50 हजार की एक किस्त
ज्ञापन के अनुसार, राज्य सरकार कर्मचारियों को उक्त अवधि के संशोधित वेतन एरियर के रूप में अभी तक 50 हजार रुपये की एक किस्त जारी कर चुकी है। इसके बावजूद कुछ मामलों में न्यायालय के आदेश या अन्य कारणों से बजट की मांग करते समय डीडीओ ने एरियर की गणना संशोधित वेतनमान के आधार पर की।


शिक्षा निदेशालय ने ऐसी गणना को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना है। विभाग ने सभी डीडीओ को एरियर की गणना करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
विशेष आदेश होने पर ही अलग नियम
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के मामले में सरकार या न्यायालय की ओर से असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए कोई विशेष और स्पष्ट आदेश जारी किया गया है, तो उस मामले में संबंधित आदेश के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।


हालांकि, सामान्य मामलों में प्री-रिवाइज्ड वेतनमान को ही एरियर की गणना का आधार बनाया जाएगा।
एरियर शीट की जांच भी जरूरी
शिक्षा निदेशालय ने एरियर की गणना के साथ उसकी जांच को भी अनिवार्य कर दिया है। किसी भी एरियर शीट को निदेशालय भेजने से पहले उसका जिला स्तर पर विधिवत परीक्षण करवाना होगा।


इसके लिए संबंधित जिला उप निदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी (वित्त एवं लेखा) से एरियर शीट की जांच करवाना अनिवार्य होगा।
सभी उप निदेशकों को अपने जिलों के अधीन आने वाले डीडीओ और कार्यालयाध्यक्षों को इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से कड़ाई से पालन करवाने के लिए कहा गया है।


लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
निदेशालय ने चेतावनी दी है कि निर्देशों में किसी भी तरह की अनदेखी या उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।


ज्ञापन में इस मामले को ‘Most Urgent’ यानी अति आवश्यक श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के एरियर की गणना और भुगतान से जुड़े मामलों में अब निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here