

राजगढ़ उपमंडल के थनोगा व भूईरा में भारी वर्षा और भूस्खलन के कहर ने कई परिवारों को टेंट में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। एसडीएम राजकुमार ठाकुर ने वीरवार को दोनों गांवों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से बातचीत कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
थनोगा के लेखराम ने बताया कि पहली सितंबर की रात जब वह घर में परिवार के साथ विश्राम कर रहे थे तो करीब साढ़े तीन बजे भूस्खलन होने से गिरे छह पेड़ व मलबा उनके घर के पीछे पहुंच गया। इससे घर के पिछली की के शीशे टूट गए और मलबा अंदर घुस गया। परिवार को तुरंत जगाया और बारिश में ही सुरक्षित स्थान पर चले गए। वह अब घर के समीप टेंट लगाकर परिवार के साथ रहने लगे हैं, जहां पर जंगली जानवरों का खतरा है।
भूईरा गांव के प्रदीप और मनोज ने दरारें आने के बाद मकान खाली कर दिए हैं। मनोज तोमर ने बताया कि मेहनत से बनाए घर में भूस्खलन से दरारें आ गई हैं और घर खतने की जद में आ गया है।
उन्होंने बताया कि वह टेंट लगाकर सुरक्षित स्थान पर परिवार के साथ रह रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि राजगढ़ उपमंडल में बारिश और भूस्खलन से अनेक मकान खतरे की जद में हैं जो खाली करवा दिए हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों की हरसंभव को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है ।







