

हिमाचल में बारिश-भूस्खलन से हालात बिगड़े, कई सड़कें और सेवाएं ठप
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहे। सोमवार सुबह 10 बजे तक तीन नेशनल हाईवे समेत 823 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है—1181 ट्रांसफार्मर और 356 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
जिला अनुसार स्थिति
- चंबा: 88 सड़कें बंद
- कुल्लू: 225 सड़कें बाधित
- मंडी: 188 सड़कें बंद
- शिमला: 141 सड़कें बंद
- सिरमौर: 52 सड़कें बाधित
शिमला व आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को भी मौसम खराब बना हुआ है। छह दिन बंद रहने के बाद स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और विश्वविद्यालय तो खोल दिए गए, लेकिन कुल्लू के बंजार और मनाली उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थान फिलहाल बंद हैं। उप तहसील जरी में 8 और 9 सितंबर को भी स्कूल बंद रखने का आदेश है।
बिलासपुर में राहत कम, मुश्किलें ज़्यादा
बिलासपुर में मौसम साफ जरूर हुआ है, लेकिन दिक्कतें बरकरार हैं। यहां भूस्खलन से 24 सड़कें अभी तक बंद हैं। रविवार रात को एक पक्का मकान, दो रसोई और एक गोशाला क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण सड़कों के बंद रहने से लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे पांच दिन से ठप
पुराना चंडीगढ़-मनाली हाईवे पंजपीरी के पास पिछले पांच दिन से बंद है। हालात इतने खराब हैं कि पैदल चलने का रास्ता तक नहीं बचा। पहाड़ से गिरे बड़े पत्थर और मलबे ने सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया है। लोग प्रशासन से जल्द बहाली की मांग कर रहे हैं।
अन्य मार्ग भी अवरुद्ध
थापना-तलाई वाया मरोत्तन मार्ग भी बंद पड़ा है, जिससे कोटधार क्षेत्र की 14 पंचायतों के लोग मजबूरी में लंबे रास्ते वाया झंडूता होकर मुख्यालय पहुंच रहे हैं।







