

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पांच प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें लगभग 125 करोड़ रुपये के तीन प्रस्तावों को राज्य आपदा मिटिगेशन फंड के माध्यम से राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजने की स्वीकृति प्रदान की गई है। बैठक में शिमला नगर निगम के दायरे में 90 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम क्षेत्र में जहां पर भी आपदा होने की संभावना है या फिर पहले आपदा की घटनाएं हो चुकी हैं, उन क्षेत्रों के जीर्णोद्वार एवं सुरक्षा के लिए उक्त राशि के तहत कार्य किया जाएगा। वहीं दूसरा प्रस्ताव कृष्णानगर के समीप स्लाटर हाउस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए है। इस प्रस्ताव के तहत 14.98 करोड़ रुपये अनुमानित राशि तय की गई।
वहीं तीसरे प्रस्ताव में रामचंद्रा चैक से हेनाल्ट पब्लिक स्कूल, हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी जाखू आदि क्षेत्र सिकिंग जोन बन चुका है। ऐसे में इनके पुनर्स्थापन पर 19.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि तीन प्रस्तावों के साथ वीडियो और फोटोग्राफी रिपोर्ट भी संलग्न की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस बारे में निर्देश देते हुए कहा कि आपदा से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से पुनर्स्थापन के कार्य किए जाएं। इसी कड़ी में ये प्रस्ताव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजे जाएंगे। वहीं दो अन्य प्रस्ताव में खामियां होने के कारण उपायुक्त ने पुन: प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें ठियोग के तहत पंडर केंची से चटोग मार्ग के लिए 2 करोड़ और रझाणा से सावी रोड़ के लिए 1.35 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। बैठक में नगर निगम आयुक्त भूपिंद्र कुमार अत्री सहित लोक निर्माण विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।





