

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर जाखू में जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी हो सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी ) की टीम ने दो दिन तक मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद यहां की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर सुझाव दिए हैं। जिला प्रशासन अगले कुछ दिन में इस पर फैसला ले सकता है। एनएसजी की टीम ने मंगलवार को भी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर इस क्षेत्र का निरीक्षण किया। भारत-पाकिस्तान के साथ कुछ महीने पहले हुए तनावपूर्ण माहौल के बाद जांच एजेंसी देश भर के शहरों में जाकर प्रमुख स्थलों और मंदिरों आदि की सुरक्षा को लेकर निरीक्षण कर रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार इसी कड़ी में एक टीम दो दिन के दौरे पर शिमला आई थी। सोमवार और मंगलवार दो दिन तक इस टीम ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जाखू मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर निरीक्षण किया है। अभी मंदिर में ज्यादा पुलिस की तैनाती नहीं है। नवरात्र या हनुमान जयंती जैसे अवसरों पर ही मंदिर में भीड़ बढ़ने पर पुलिसबल की तैनाती बढ़ाई जाती है। हालांकि, इसके अलावा बाकी दिनों खासकर मंगलवार, शनिवार और रविवार को भी मंदिर में लोगों और सैलानियों की आवाजाही रहती है। इसीलिए एनएसजी ने यहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाने को लेकर सुझाव दिया है।
एनएसजी के सुझावों को लेकर जल्द ही उपायुक्त अनुपम कश्यप दिशा निर्देश जारी कर सकते हैं। एसडीएम शहरी ओशीन शर्मा ने कहा कि एनएसजी ने जाखू मंदिर परिसर का निरीक्षण किया है। इस दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे हैं। मंदिर की सुरक्षा को लेकर जो सुझाव दिए गए हैं, उसे उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा। उपायुक्त के दिशा निर्देश के अनुसार ही मंदिर की सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए जाएंगे।







