हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। किन्नौर जिले के निगुलसरी के पास थाच गांव में देर रात 12:10 बजे बादल फटने से भारी तबाही मची। बाढ़ के मलबे ने एनएच-5 को अवरुद्ध कर दिया, जिससे जिले का सड़क संपर्क कट गया। तीन नालों में आई बाढ़ से खेतों और बगीचों को भारी नुकसान हुआ, दो वाहन बह गए और कई मकानों को खतरा पैदा हो गया।
राजधानी शिमला में भी हालात बिगड़ गए। हिमलैंड के सर्कुलर रोड पर आधी रात 2:00 बजे भारी भूस्खलन हुआ। एक भवन को खतरा होने पर प्रशासन ने खाली करवाया और एहतियातन सेंट एडवर्ड स्कूल 19 और 20 सितंबर को बंद रखने का आदेश दिया। हालांकि, कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी।
प्रदेश में शुक्रवार सुबह तक तीन नेशनल हाईवे समेत 555 सड़कें बंद रहीं। 162 बिजली ट्रांसफार्मर और 197 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। कुल्लू में 202, मंडी 158, शिमला 50, कांगड़ा व सिरमौर में 40 से अधिक मार्ग ठप रहे।
अब तक का नुकसान
मानसून सीजन में अब तक हिमाचल में 424 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 4,75 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हजारों पक्के और कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, सैकड़ों दुकानें और गोशालाएं ढह गईं।
मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि, 22 और 23 सितंबर को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है








