

लंबे मंथन के बाद हिमाचल सरकार ने साल 1988 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। संजय गुप्ता ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से उनके सरकारी आवास ओक ओवर में मुलाकात की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। गुप्ता को नौकरशाही की बागडोर थमाकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वरिष्ठता को तरजीह दी है। संजय गुप्ता पहले से मुख्य सचिव पद के दावेदार रहे हैं।इससे पहले उनसे कनिष्ठ अफसरों आरडी धीमान और प्रबोध सक्सेना को मुख्य सचिव बनाया गया था। सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद बुधवार शाम को ही संजय गुप्ता ने मुख्य सचिव पद का कार्यभार संभाल लिया था।
सक्सेना की सेवानिवृत्ति के चलते मुख्य सचिव को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इसी बीच, अमर उजाला ने 26 सितंबर को छत्तीसगढ़ की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति होने का खुलासा किया था। मुख्यमंत्री ने दो दिन के गहन मंथन के बाद बुधवार शाम को संजय गुप्ता को मुख्य सचिव का प्रभार देने की अधिसूचना जारी कर दी। मंगलवार रात गुप्ता को बिजली बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। उनका दर्जा भी मुख्य सचिव के बराबर कर दिया गया था, मगर बुधवार शाम को सरकार ने आदेश बदलकर उन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव नगर नियोजन एवं आवास पद पर नियुक्ति दे दी। इसी के साथ उन्हें मुख्य सचिव का भी कार्यभार सौंप दिया। संजय गुप्ता मूलरूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। छह मई 1966 को जन्में गुप्ता की सेवानिवृत्ति 31 मई 2026 को होगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव जनजातीय विकास ओंकार शर्मा को रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। ओंकार शर्मा 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सीएस पद की रेस में रहे वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी केके पंत अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व, वन, गृह एवं विजिलेंस होंगे। वहीं, अब उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष का भी कार्यभार सौंपा गया है।







