

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अब हार्ट का भी एमआरआई किया जा सकेगा। इसके लिए चार मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना शिमला में अत्याधुनिक थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जा रही हैं। हिमाचल के लोगों के लिए नजदीक में अभी तक यह सुविधा केवल पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली में उपलब्ध थी।
नई मशीनें लगने से राज्य के लोगों को अब कार्डिक एमआरआई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इससे न सिर्फ दिल की बीमारियों का समय पर निदान संभव होगा बल्कि अन्य जटिल जांच भी हाईटेक तरीके से राज्य में ही की जा सकेंगी। वीरवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि आईजीएमसी शिमला में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन लग चुकी है और जल्द ही इससे जांच शुरू होगी। यह मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है और कार्डिक एमआरआई करने में सक्षम है। अभी तक आईजीएमसी में 20 साल पुरानी मशीन से काम चलाया जा रहा था। इसी प्रकार मंडी, हमीरपुर, चंबा, टांडा मेडिकल कॉलेजों कांगड़ा और चमियाना अस्पताल के लिए भी ऐसी मशीनें खरीदी जा रही हैं। सामान्य एमआरआई मशीनें हार्ट का एमआरआई नहीं कर पातीं, जबकि नई थ्री टेस्ला मशीनें सॉफ्ट टिशूज और दिल की बीमारियों का सटीक विश्लेषण कर सकती हैं।
सीएम ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए फुल रूम डिजिटल रेडियोग्राफी मशीन खरीदी जा रही है। इसके साथ ही वहां डिजिटल मेमोग्राफी और कलर डॉप्लर उपकरण भी लगाए जाएंगे। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें हाई-डेफिनिशन कैमरा लगा होगा, ताकि सर्जरी अधिक सटीक और सुरक्षित हो सके।
सीएम ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के लिए 28 लाख ग्लूको स्ट्रिप्स खरीदी जाएंगी। इससे लोगों के घर-द्वार पर ही शुगर टेस्ट संभव होंगे।







