

पुलिस अधिकारियों के तबादले करने के बाद अब राज्य सरकार ने लंबे समय से जिलों में तैनात आईएएस और एचएएस अधिकारियों को बदलने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसमें जिला उपायुक्तों सहित एडीसी और एडीएम को स्थानांतरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से चर्चा कर कार्मिक विभाग इस संबंध में सूची बनाने में जुट गया है। सरकार का फोकस उन जिलों पर है, जहां उपायुक्त और अन्य अधिकारी दो साल या उससे अधिक समय से कार्यरत हैं।
अब जिलों में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ अधिकारी भेजे जाएंगे, ताकि विकास योजनाओं को समय पर लागू किया जा सके और प्रशासनिक तंत्र में नई सक्रियता लाई जाए। प्रदेश के कई जिलों में अधिकारी 2023 या उससे पहले से कार्यरत हैं। इन अधिकारियों के स्थानांतरण के साथ-साथ कुछ जिलों में प्रशासनिक प्रदर्शन और जनता से फीडबैक को भी आधार बनाया जा रहा है।
अगले दो वर्षों की विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां होनी है। राज्य सरकार ने अब तक के कार्यकाल में कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं को लेकर अफसरशाही ने क्या काम किया है। इसकी समीक्षा जारी है।
आगामी दो वर्षों में इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत तरीके से लागू करने के लिए सरकार जिलों में ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति करना चाहती है, जो इन कार्यक्रमों को गति दे सकें और परिणाम दिखा सकें।
कार्मिक विभाग सचिवालय स्तर पर भी ऐसे अफसरों की सूची भी तैयार कर रहा है जो लंबे समय से एक ही विभाग में हैं। ऐसे में कई प्रशासनिक सचिवों के विभागों में फेरबदल की संभावना है। वित्त, शिक्षा, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और उद्योग विभाग में बदलाव की संभावना सबसे अधिक बताई जा रही है







