

हिमाचल प्रदेश में विंटर टूरिस्ट सीजन शुरू हो गया है लेकिन शिमला से हवाई सेवाएं बंद हैं। उड़ान योजना में चल रही हवाई सेवाएं तीन महीने बाद भी बहाल नहीं हो पाई हैं। दिल्ली-शिमला, शिमला-धर्मशाला और शिमला-अमृतसर के लिए हवाई सेवाएं सितंबर से बंद चल रही हैं। इन रूटों पर एलायंस एयर हवाई सेवाओं को संचालन कर रही थी। हिमाचल सरकार के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) हस्ताक्षरित न होने के चलते कंपनी ने 31 दिसंबर तक सेवाएं बंद रखने का फैसला लिया है।
शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से एलायंस एयर हवाई सेवाएं संचालित कर रही है। सेवाओं को लेकर एलायंस एयर, केंद्र और राज्य सरकार के बीच उड़ान योजना का समझौता सितंबर में खत्म हो गया है, जिसके चलते कंपनी ने कुछ दिन उड़ानें जारी रखने के बाद सेवाएं बंद कर दी हैं। शिमला और धर्मशाला के बीच उड़ानों पर हिमाचल सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) देती है, जो स्थानीय रूटों पर सेवाओं की लागत और सस्ते किराए के बीच अंतर को पूरा करने के लिए विमान कंपनियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता है। हालांकि एलायंस एयर ने सेवाएं बंद करने के पीछे रनवे की समस्या और मौसम की बाधा को भी कारण बताया है। कंपनी का तर्क है कि दिल्ली शिमला रूट पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनी ने सरकार से करीब 20 करोड़ वायबिलिटी गैप फंडिंग की मांग की है। उड़ान योजना के तहत राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों वित्तीय सहायता देने के लिए उत्तरदायी है इसलिए मामला अटका हुआ है।
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद का कहना है कि उड़ानें बंद होने से पर्यटन पर असर पड़ा है। हाई एंड टूरिस्ट समय की बचत के लिए फ्लाइट से आवाजाही करता है, सेवा उपलब्ध न होने के कारण चंडीगढ से सड़क मार्ग से आवाजाही करनी पड़ रही है, जिसमें अधिक समय लग रहा है।
जल्द बहाल होगी सेवाएं, विभाग प्रयासरत : भाटिया
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक विवेक भाटिया का कहना है कि हवाई सेवाएं बहाल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संचालन लागत अधिक होने के कारण वायबिलिटी गैप फंडिंग की समस्या पेश आ रही है। विभाग ने इसे लेकर सरकार को अवगत करवाया है। जल्द सेवाएं बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।





