Home Himachal News शिमला को बड़ी राहत; ढली बाईपास टनल का ब्रेकथ्रू, रिकार्ड समय में...

शिमला को बड़ी राहत; ढली बाईपास टनल का ब्रेकथ्रू, रिकार्ड समय में काम पूरा

145
0

शिमला-कालका फोरलेन कार्य में एनएचएआई को शिमला बाईपास प्रोजेक्ट में एक और कामयाबी हासिल हुई है। टनल नंबर-5 के दोनों सिरे मंगलवार को आपस में मिल गए। यह टनल शिमला बाईपास प्रोजेक्ट के लिए मील का पत्थर साबित होगी। टनल-नंबर 5 शिमला ढली बाईपास को इसके आखिरी छोर चलौंठी से जोड़ती है। टनल के निर्माण से लोगों को भविष्य में अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना पहुंचने में आसानी होगी और शिमला शहर में ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। टनल के निर्माण पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च आया है। टनल निर्माण का कार्य गावर और भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। टनल की लंबाई 210 मीटर है।

इसका कार्य 22 मई 2025 को शुरू हुआ था। एनएचएआई ने 7 महीनों के रिकार्ड समय में इस कार्य को पूरा किया है। टनल का निर्माण एनएटीएम यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनल मैथर्ड से किया गया है। मौजूदा समय में टनल बनाने के लिए यह सबसे कारगर तकनीक मानी जाती है। एनएचएआई की 27.457 किलोमीटर लंबी शिमला बाईपास परियोजना चंडीगढ़-शिमला कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस परियोजना में पांच सुरंगें हैं। परियोजना का उद्देश्य जनता के सफर को सुविधाजनक बनाना है। शिमला बाईपास के निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी तो वहीं में ढली पहुंचने की का समय लगभग एक घंटे कम हो जाएगा। इस परियोजना के बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और अपर शिमला की ओर जाने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। वहीं सेब सीजन के दौरान बागवान सुगमता से अपनी सेब की फसल को शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा सकेंगे।

आईजीएमसी में आने वाले मरीजों को वर्तमान में संजौली और ढली टनल से होकर ट्रैफिक जाम से जूझते हुए पहले भट्ठाकुफर और फिर तीन किलोमीटर के संकरे संपर्क मार्ग से होकर चमियाना अस्पताल पहुंचना पड़ता है। टनल के बनने से आईजीएमसी से मरीज पहले चलौंठी पहुंचेगा। यहां पर बने दो सौ मीटर लंबे फ्लाईओवर से होकर मरीज टनल में प्रवेश करेगा और यहां से करीब दो किलोमीटर का सफर करके मरीज ज्वाला माता मंदिर के पास पहुंचेगा। यहां संपर्क मार्ग से होकर एक किलोमीटर का सफर करके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंच जाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here