Home Himachal News हिमाचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती: नाबार्ड से 45,809 करोड़ का कर्ज प्रस्तावित

हिमाचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती: नाबार्ड से 45,809 करोड़ का कर्ज प्रस्तावित

76
0
हिमाचल प्रदेश को नाबार्ड 45,809 करोड़ रुपये का कर्ज देने को तैयार हो गया है। जिसके लिए शिमला में स्टेट क्रेडिट सेमिनार में नाबार्ड ने इस संबंध में स्टेट फोकस पेपर जारी किया। पढ़ें पूरी खबर...

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) अगले वित्त वर्ष के लिए हिमाचल प्रदेश को 45,809 करोड़ रुपये का कर्ज देने को तैयार हो गया है। नाबार्ड ने एमएसएमई के लिए 23,827.72 और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए 18,194.90 करोड़ की क्षमता आंकी है। करीब 3 हजार रुपये अन्य ग्रामीण आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए दिए जाएंगे। बुधवार को शिमला में मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में हुए स्टेट क्रेडिट सेमिनार में नाबार्ड ने इस संबंध में स्टेट फोकस पेपर जारी किया।

सेमिनार में राज्य के लिए 45,809 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का अनावरण किया गया, जिसमें पिछले साल की तुलना में 8.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाई गई है। मुख्य सचिव गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण विकास मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में है। नाबार्ड का छोटे से राज्य हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान है। स्टेट फोकस पेपर में कृषि, एमएसएमई, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और कृषि-वानिकी जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया ने कहा कि स्टेट फोकस पत्र का उद्देश्य निजी निवेश और उपभोग को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास मजबूत करना है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 33,118 करोड़ का ऋण वितरित किया गया, जो लक्ष्य का 92 प्रतिशत रहा। कृषि क्षेत्र में फसल ऋण और कृषि टर्म लोन में नाबार्ड की पुन: वित्तीय सहायता उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि 1,147 प्राथमिक कृषि साख समितियों का डिजिटलीकरण कर उन्हें बहु सेवा केंद्रों में बदला गया है।

सेमिनार में जलवायु लचीलापन, जलग्रहण प्रबंधन, ग्रामीण संपर्क, हरित ऊर्जा, ईवी अवसंरचना और डिजिटल ऋण जैसे क्षेत्रों में नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की गई। मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि नाबार्ड की ओर से सुझाए गए प्रमुख बिंदुओं को आगामी बजट में उचित स्थान दिया जाएगा। इस मौके पर सचिव सहकारिता अमरजीत सिंह, पंजीयक सहकारी समितियां डीसी नेगी, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक विवेक मिश्रा भी मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here