
शिमला के दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं फिलहाल प्रभावित हो गई हैं। भुगतान अटकने के कारण मरीजों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और कई जरूरी दवाइयां व सामान बाजार से खरीदना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में दवा वेंडरों के हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े करीब दो करोड़ रुपये की देनदारी लंबित बताई जा रही है। भुगतान नहीं मिलने के कारण वेंडरों ने अस्पताल को जरूरी सामान उपलब्ध करवाना रोक दिया है। इसका सीधा असर अस्पताल में भर्ती मरीजों पर पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों और उनके तीमारदारों को हो रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के सहारे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे हैं। भर्ती मरीजों को कई जरूरी दवाइयां और अन्य सामान बाहर से खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनके इलाज का खर्च बढ़ गया है।
ऑपरेशन की तारीख पर पहुंचने वाले मरीजों की चिंता भी बढ़ गई है। डीडीयू अस्पताल में हड्डी रोग, सर्जरी, गायनी, नेत्र और शिशु रोग समेत कई विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में जिन मरीजों को ऑपरेशन या लंबे इलाज की जरूरत है, उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से लंबित राशि जारी करवाने के लिए सरकार के साथ कई बार पत्राचार किया गया है। प्रबंधन ने जल्द भुगतान जारी करने का आग्रह किया है, ताकि वेंडरों को भुगतान किया जा सके और मरीजों को हिमकेयर व आयुष्मान भारत योजना की सुविधाएं दोबारा मिल सकें।
डीडीयू जोनल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड नहीं चल रहे हैं। मरीजों को इसकी जानकारी दी जा रही है। सरकार के साथ पत्राचार किया गया है और जल्द राशि जारी करने का आग्रह किया गया है।
अब मरीजों और तीमारदारों की नजर इस बात पर है कि लंबित भुगतान कब जारी होता है और डीडीयू अस्पताल में दोनों स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधाएं कब सामान्य होती हैं।







