

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बीएड की खाली सीटें भरने के लिए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बीएड प्रवेश समिति ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बीएड की खाली 2801 सीटों को भरने के लिए न्यूनतम अंकों की शर्त में राहत दी है। बीएड में प्रवेश के लिए न्यूनतम अंकों में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके तहत सामान्य वर्ग (अनारक्षित) के लिए उत्तीर्ण अंक 35 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिए गए हैं जो कुल 53 अंकों से घटकर अब 38 अंक रहेंगे। इसी तरह आरक्षित वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी और अन्य श्रेणियों के लिए पात्रता अंक 30 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिए हैं। दाखिले के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 45 से घटाकर 30 कर दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के बीएड संस्थानों में सैकड़ों सीटें खाली रह गई थी। कई बार काउंसलिंग करवाने के बावजूद इन्हें नहीं भरा जा सका था। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय योग्य अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करने और शिक्षण संस्थानों में खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए लिया गया है। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठाएं ताकि कोई सीट खाली न रहे।
बाकी शर्तें, नियम यथावत : विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस रियायत के अलावा बीएड प्रॉस्पेक्ट्स 2025-26 में निर्धारित अन्य सभी शर्तें और नियम यथावत रहेंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों को 6 से 9 नवंबर 2025 तक विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर लॉगिन करके ओपन ऑन-स्पॉट ऑफलाइन राउंड के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरना होगा।
एचपीयू ने स्नातकोत्तर के परिणाम घोषित कर दिए हैं। विद्यार्थी विवि की वेबसाइट पर अपनी आईडी से परिणाम देख सकते हैं।
एमए फिजिकल एजुकेशन द्वितीय सेमेस्टर रेगुलर बैच में 83.33 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। एमपीएड द्वितीय सेमेस्टर रेगुलर बैच में 93.55 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। एमएससी गणित के परिणाम इस बार सबसे बेहतर रहे। एमएससी गणित प्रथम सेमेस्टर सीबीसीएस में 99.79 प्रतिशत और द्वितीय सेमेस्टर सीबीसीएस में 99.78 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। वहीं नॉन-सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम 73.33 प्रतिशत रहा।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि परिणामों में अनुपूरक मामलों को भी उत्तीर्ण प्रतिशत में शामिल किया है। विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों और संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को परिणाम की जानकारी उपलब्ध कराएं। परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं।





