
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की बड़ी पहल
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) शिमला द्वारा विकसित आलू की चार नई किस्मों को मंत्रालय ने बीज उत्पादन और बिक्री के लिए मंजूरी प्रदान की है। केंद्रीय बीज समिति की सिफारिश पर अधिसूचित इन किस्मों में कुफरी रतन, कुफरी चिपभारत-1, कुफरी चिपभारत-2 और कुफरी तेजस शामिल हैं।
- कुफरी रतन – यह लाल छिलके वाली किस्म उत्तर भारत के मैदानी व पठारी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
- कुफरी तेजस – गर्मी सहन करने वाली यह किस्म पोषक तत्वों से भरपूर है। इसे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में लगाने की सिफारिश की गई है।
- कुफरी चिपभारत-1 – खास तौर पर चिप्स उद्योग के लिए तैयार की गई यह किस्म बेहतर गुणवत्ता और कम शर्करा स्तर के कारण प्रसंस्करण के लिए आदर्श है।
- कुफरी चिपभारत-2 – उत्तर और दक्षिण भारत, दोनों क्षेत्रों के लिए विकसित यह किस्म चिप्स निर्माण में उपयोगी है और इसे लंबे समय तक भंडारित किया जा सकता है।
सीपीआरआई के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि इनमें से दो किस्में (कुफरी रतन और कुफरी तेजस) प्रत्यक्ष उपभोग के लिए पोषक तत्वों से भरपूर हैं, जबकि दो किस्में (कुफरी चिपभारत-1 और 2) प्रसंस्करण उद्योग को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं। चिप्स निर्माण वाली किस्मों को कंपनियों को लाइसेंस के आधार पर व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।








