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शिमला। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली। सुबह से बादल छाए रहने के बाद दोपहर में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। वहीं, लाहौल-स्पीति, पांगी और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा और पीर पंजाल की ऊंची चोटियां भी बर्फ से ढक गईं।
कांगड़ा जिले के धर्मशाला और पालमपुर में भी बारिश हुई। शाम के समय बारिश तेज हो गई। पालमपुर में 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि चंबा और मनाली में भी बारिश हुई। लाहौल-स्पीति और पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब 10.16 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई।
केलांग में तेज हवाओं के साथ बारिश, छह घंटे बिजली बाधित
केलांग में दोपहर बाद तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। तेज हवाओं के चलते बिजली आपूर्ति करीब छह घंटे तक बाधित रही। मौसम में बदलाव के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट आई है और पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है।
किन्नौर और रामपुर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
मौसम खराब होने का असर कृषि क्षेत्रों पर भी पड़ा है। किन्नौर के चौरा क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई, जबकि रामपुर के पंद्रहबीस क्षेत्र में तेज आंधी के साथ ओले पड़े। ओलावृष्टि से राजमाह, मक्की, धान और तुलसी समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। कुछ क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक ओले गिरने से खेत और बगीचे सफेद हो गए।
कटाई के बीच बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के कारण किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी थी। कई जगह खेतों में फसल काटकर रखी गई थी। अचानक हुई बारिश के कारण अब काटकर रखी फसल के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, ओलावृष्टि से खड़ी फसलों और बगीचों को भी नुकसान की आशंका है।
12 अक्तूबर तक खराब रह सकता है मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 12 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। 6 से 9 अक्तूबर तक तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और बारिश-ओलावृष्टि की आशंका वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।








