

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना बंद नहीं होगी। सरकार पहले इस योजना में पुराने मामलों का निपटारा करेगी, उसके बाद नए आवेदनों में अनुदान देने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। विधायक विनोद कुमार, दीप राज, विवेक कुमार के सवालों का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, स्टार्टअप योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 3373 मामलों में 59473.29 लाख रुपये, 123 मामलों में 219.93 और 4982 लाभार्थियों को 18034.39 लाख रुपये ऋण, वित्तीय सहायता, मार्जिन मनी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत कुल 4253 लाभार्थियों को 100 फीसदी सब्सिडी मिल चुकी है। 4023 लाभार्थियों को 60 फीसदी सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है, जबकि 1494 लाभार्थियों को सब्सिडी अभी नहीं मिली है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया के तहत अनुबंध अवधि भी दो साल थी और अब जॉब ट्रेनी नीति भी दो साल की है। इसमें सिर्फ नाम का बदलाव हुआ है। विपक्ष के विधायकों को पूरी जानकारी एकत्र करनी चाहिए। विधायक हंसराज ने कहा कि सरकार इस नीति के माध्यम से युवाओं के साथ धोखा कर रही है। इसे वापस लेना चाहिए।
भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि सूचना एकत्र नहीं हो रही, जबकि छिपाई जा रही है। सरकार की ओर से कर्मचारियों को सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति देने को लेकर विधायक सतपाल सिंह सत्ती की ओर से सवाल लगाया गया था। जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना अभी एकत्रित की जा रही है। विभागों सहित निगमों और बोर्डों की जानकारी मांगी गई है। जानकारी छिपाने की हमारी कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि सूचना एकत्र करने का जवाब कब दिया जाता है। उधर, एक अन्य सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री में कहा कि परिवहन निगम के पेंशनरों को पेंशन जारी कर दी गई है। वेतन और पेंशन जारी करने की एक तारीख करने को लेकर वित्त विभाग से बात चल रही हैं।





