

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही करीब सवा दो बजे तीन बजे के लिए स्थगित कर दी गई। सोमवार को दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के विधायक त्रिलोक जम्वाल आबकारी नीति से संबंधित सवाल को सूची से हटाए जाने का विरोध करने लगे। वह इस बात पर अड़े रहे कि इस प्रश्न को सोमवार को ही प्रश्नकाल में लगाया जाए। इस पर राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि इस प्रश्न को लोप नहीं किया गया है। यह मंगलवार को लगाया जाएगा। इस बारे में राज्य सरकार को विधानसभा सचिवालय को सूचना भेजने को कहा जाएगा। इस पर भी विपक्ष अड़ा रहा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आरटीआई में सूचना मिल रही है, मगर सदन में नहीं दी जा रही है। ऐसे में विधायक कहां जाएंगे। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि ऐसे किसी भी प्रश्न का विलोप नहीं किया जाएगा। विश्वास रखें कि कल का दिन भी है। सूचना एकत्र की जा रही है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लेकर आया था, उसे मंजूर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आपदा पर वक्तव्य देना चाहते हैं। उन्हें भी इसकी अनुमति नहीं मिली है। विपक्ष को डिस्क्रीशन दी जा रही है तो उन्हें भी दी जाए। सदन में नोकझोंक बढ़ी तो राज्य विधानसभा अध्यक्ष ने इस बैठक को तीन बजे के लिए स्थगित कर दिया।





