

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सोलहवें वित्तायोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के साथ नई दिल्ली में बैठक की। इस दाैरान उन्होंने वित्तायोग अध्यक्ष के समक्ष हिमाचल प्रदेश के मुद्दे उठाए। 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे वित्तायोग से मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि आगे प्रदेश के साथ न्याय हो। बैठक के बाद सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में अभी तक पांच हजार करोड़ से अधिक का आरंभिक नुकसान हुआ है। कहा कि प्रदेश में आपदा से व्यापक नुकसान हुआ है, इसलिए तुरंत प्रभाव से पांच हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज मिलना चाहिए।
वर्ष एक अप्रैल 2021 से लेकर 31 मार्च 2026 के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए 37199 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान तय किया है। वर्ष 2021-22 में 10249 करोड़ रुपये अनुदान मिला, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह 11431 करोड़ रुपये मिला। वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह ग्रांट 9,377 करोड़ मिली। वर्ष 2023-24 में 8058 करोड़ और 2024-25 में 6258 करोड़ रुपये मिली। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह राहत 3257 करोड़ रुपये मिली है। मुख्यमंत्री पहले भी वित्तायोग अध्यक्ष के समक्ष उठा चुके हैं कि राजस्व घाटा अनुदान नाकाफी है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का मामला भी प्रमुखता से उठाया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अरुणाचल प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना में सीमा सड़क संगठन के जवान पवन कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पवन कुमार जिला बिलासपुर की श्री नयनादेवी तहसील के डग्रहण गांव के निवासी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिजनों के साथ है और उन्हें हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।







