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बल्क ड्रग पार्क के निर्माण का रास्ता साफ, केंद्र ने दी पर्यावरण मंजूरी, 20 हजार को मिलेगा रोजगार

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ऊना जिले के हरोली में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। पर्यावरण मंजूरी के साथ ही इस महत्त्वकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस बल्क ड्रग पार्क में करीब 10 हजार करोड़ का निवेश होना है। लगभग 20 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पार्क के निर्माण पर केंद्र 996.45 करोड़ और राज्य सरकार 1,074.55 करोड़ खर्च करेगी। कुल 1402.44 एकड़ भूमि पर इसका निर्माण होना है।

जुलाई 2020 में केंद्रीय फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने बल्क ड्रग पार्क की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद उद्योग विभाग ने डीपीआर तैयार की। अक्तूबर 2022 में योजना संचालन समिति (एसएससी) की ओर से अंतिम अनुमोदन किया गया। केंद्रीय कमेटी के परामर्श के अनुसार ही एनआईटी हमीरपुर की ओर से जल निकासी पैटर्न, विकास योजना, पारिस्थितिकी पर न्यूनतम प्रभाव, जोखिम मूल्यांकन और भूस्खलन आदि से संबंधित तकनीकी रिपोर्ट तैयार की गई।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद अब बल्क ड्रग पार्क का काम तेजी से बढ़ेगा। यह पार्क फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने कहा कि सरकार पार्क को समय पर पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। निदेशक उद्योग डॉ. यूनुस ने कहा कि पार्क का निर्माण पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से दिए निर्देशानुसार पर किया जाएगा। अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी से हिमाचल फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र को फायदा होगा।

ऊना में बल्क ड्रग पार्क भारत में दवा निर्माण के एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभरेगा। इसमें युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
– सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए 150 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, इसमें से 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन पार्क में ही होगा। इसके लिए यहां 300.28 करोड़ से भाप तैयार करने वाला बॉयलर स्थापित किया जा रहा है। बॉयलर के भाप से बिजली तैयार होगी। 130 मेगावाट बिजली ग्रिड से ली जाएगी।

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