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पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों में शुरू होगा सीबीएसई आधारित पाठ्यक्रम, सरकार ने दी मंजूरी

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राज्य सरकार ने प्रथम चरण में 100 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के लिए गुरुवार को मंजूरी दे दी है।

हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई स्कूल बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार ने प्रथम चरण में 100 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के लिए गुरुवार को मंजूरी दे दी है। सीबीएसई) से संबद्ध होने वाले स्कूलों की सूची भी जारी कर दी गई है। सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार   यदि सूचीबद्ध कोई भी स्कूल सीबीएसई के मानदंडों को पूरा नहीं करता है, तो निदेशक स्कूल शिक्षा को ऐसे स्कूलों को सीबीएसई में बदलने के लिए अनुमोदन प्राप्त करना होगा जो मानदंडों को पूरा करते हैं। सूची में बिलासपुर जिले के 6, चंबा 6, हमीरपुर 11, कांगड़ा 19, किन्नाैर चार, कुल्लू  पांच, लाहाैल-स्पीति दो, मंडी 10, सिरमाैर 7, सोलन 9, ऊना 7 व शिमला जिले के 14 स्कूल शामिल हैं।  

इसके अलावा, यह ध्यान में रखा जाएगा कि जहां एक ही स्थान पर लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग लड़कों और लड़कियों के स्कूल मौजूद हैं, इन स्कूलों को सह शिक्षा बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसलिए इन स्कूलों को सीबीएसई के लिए एक ही संयुक्त स्कूल के रूप में माना जाना चाहिए, न कि दो अलग-अलग स्कूलों के रूप में। इस संबंध में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  बता दें, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से राज्य के 200 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा की गई थी। इसी के तहत अब पहले चरण में 100 स्कूल  सीबीएसई से संबद्ध करने का फैसला लिया गया है। जनवरी 2026 तक परीक्षा बोर्ड में बदलाव की औपचारिकताएं पूरी करने की योजना है।

वर्ष 2026-27 से राज्य के इन सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) आधारित पाठ्यक्रम शुरू किया जाना है। नई व्यवस्था लागू करने के लिए निदेशालय ने रोडमैप तैयार कर दिया है। इसके लिए पहले चरण में अवसंरचना मानचित्रण एवं प्रारंभिक चरण 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान निदेशालय सहित अन्य संस्थाओं से विभिन्न प्रमाण पत्र एकत्र करने होंगे। शैक्षणिक विवरण, स्टाफ और अन्य सुविधाओं का लेखा-जोखा तैयार करना होगा।। दूसरे चरण में अक्तूबर के दौरान प्रधानाचार्यों की ओर से ऑनलाइन आवेदनों का पंजीकरण करवाया जाएगा। यदि कोई कमी होगी तो उसे दूर करना होगा। नवंबर और दिसंबर में सीबीएसई द्वारा आवेदनों की जांच और निरीक्षण कार्यक्रम होंगे। जनवरी 2026 में सीबीएसई की टीम निरीक्षण करेगी। पाठ्यपुस्तकों, पाठ्यक्रम पर सरकार की स्वीकृति ली जाएगी। फरवरी में सीबीएसई की ओर से संबद्धता प्रदान करने पर फैसला होगा।

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