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मार्च 2025 तक मास्टर डिग्री हासिल करने वाले TGT बन सकेंगे प्रवक्ता, सात अक्तूबर तक भेजनी होगी जानकारी

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हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने संशोधित वरिष्ठता सूची के आधार पर 2,644 टीजीटी से पदोन्नति के लिए विकल्प मांगे हैं। सात अक्तूबर तक इस संदर्भ में जानकारी भेजनी होगी। पढ़ें पूरी खबर...

मार्च 2025 तक मास्टर डिग्री हासिल करने वाले टीजीटी अब प्रवक्ता बन सकेंगे। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने संशोधित वरिष्ठता सूची के आधार पर 2,644 टीजीटी से पदोन्नति के लिए विकल्प मांगे हैं। सात अक्तूबर तक इस संदर्भ में जानकारी भेजनी होगी। हाईकोर्ट ने मामले में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एक बार दिया विकल्प सेवा अवधि के लिए अंतिम व अपरिवर्तनीय होगा। एक बार अध्यापक ने विकल्प दे दिया और उसी के अनुसार पदोन्नति हो गई तो भविष्य में वह अन्य चैनल में पदोन्नति का हकदार नहीं रहेगा।

शिक्षा निदेशालय ने संशोधित वरिष्ठता सूची (10 व 23 सितंबर 2025) के आधार पर 2,644 से अधिक प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों (टीजीटी) से प्रवक्ता (स्कूल न्यू) पद पर पदोन्नति के लिए नए विकल्प मांगे हैं। विभाग ने साफ किया है कि पहले भेजे गए केस अमान्य होंगे और अब केवल 25 मार्च 2025 तक मास्टर डिग्री हासिल करने वाले अध्यापक ही पात्र होंगे।

निदेशालय से जारी नोटिस के अनुसार यह आदेश 2,644 से अधिक टीजीटी अध्यापकों पर लागू होगा। इनमें वरिष्ठता संख्या 11336-1 से 11336-477, 14214-8(1) से 14214-बी(726), 14332-1 से 14332-2, 14332-ए(1) से 14332-ए(148), 14854(1) से 14854(27) एवं 14855(1) से 14855(1266) तक के अध्यापक शामिल हैं। विकल्प निर्धारित प्रोफार्मा पर संबंधित प्राचार्य/हेडमास्टर और उपनिदेशक (स्कूल शिक्षा) से सत्यापित करवाकर भेजना अनिवार्य किया गया है। पहले भेजे गए मामलों के आधार पर कोई दावा स्वीकार नहीं होगा।

उपनिदेशकों को सभी दस्तावेजों को सात अक्तूबर तक निदेशालय शिक्षा को जानकारी भेजनी होगी। सीधे निदेशालय भेजे गए मामलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मास्टर डिग्री की समेकित प्रमाणपत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। अस्थायी/प्रोविजनल सर्टिफिकेट मान्य नहीं होंगे। एससी, एसटी व विशेष रूप से सक्षम वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को मान्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा।

जिन अध्यापकों के पास एक से अधिक विषयों में मास्टर डिग्री है, वह केवल एक विषय में विकल्प दे सकेंगे। अन्यथा विभाग किसी भी विषय में विचार करने के लिए स्वतंत्र होगा। लोक प्रशासन विषय में मास्टर डिग्री रखने वाले अध्यापक केवल राजनीति विज्ञान विषय में पदोन्नति के लिए पात्र माने जाएंगे। पहले से पदोन्नत अध्यापक भी पदोन्नति के लिए दावा कर सकेंगे। ऐसे अध्यापक जो पहले ही प्रवक्ता (स्कूल न्यू) पद पर पदोन्नत हो चुके हैं और अब संशोधित वरिष्ठता सूची के आधार पर अपने कनिष्ठ के बराबर पदोन्नति का दावा करना चाहते हैं, वह प्रोफार्मा-तीन के माध्यम से अपना केस भेज सकते हैं। इस प्रक्रिया को भी उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा समेकित कर सात अक्तूबर तक निदेशालय को भेजेंगे।

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