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शिमला में अचानक क्यों गूंजे NEET विरोधी नारे? NEET UG 2026 विवाद की पूरी खबर

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NEET UG Paper Leak: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी है। इससे गुस्साए छात्रों ने शिमला में समरहिल चौक पर प्रदर्शन किया। पढ़ें पूरी खबर...

नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने बुधवार सुबह समरहिल चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी  के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान मोदी मुर्दाबाद और एनटीए को बर्खास्त करो जैसे नारे लगाए गए।

एसएफआई के परिसर सचिव मुकेश ने कहा कि नीट यूजी परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है, जिसके कारण छात्रों में भारी असुरक्षा का माहौल है।

उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से यह स्पष्ट हो गया है कि एनटीए परीक्षाएं सही तरीके से संचालित करने में विफल रही है। एसएफआई ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संगठन ने छात्रों को हुए मानसिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई करने की भी मांग उठाई।

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया। एसएफआई ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

नीट की परीक्षा रद्द होने से बच्चों में आक्रोश, बोले-फिर करनी होगी तैयारी
एनटीए ने नीट-2026 का पेपर लीक होने के बाद मंगलवार को परीक्षा रद्द कर दी है। एनटीए के इस फैसले के बाद शिमला में नीट का पेपर दे चुके विद्यार्थियोंऔर अभिभावकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शिमला में एनटीए ने 3738 विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए थे। इनमें से 3627 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। अभ्यर्थियों  ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

विद्यार्थियों का कहना है कि नीट का पेपर रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कई छात्रों के अभिभावकों ने बताया कि नीट का पेपर लीक होना एक बार की बात नहीं है। नीट के पेपर लीक होने की घटनाएं बार-बार होना चिंता का विषय है। पेपर के रद्द होने से छात्रों की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर लीक की घटनाओं से उनकी मानसिक स्थिति, मेहनत, समय और आर्थिक स्थिति सभी पर असर पड़ता है।

विद्यार्थियों का कहना है कि जिन बच्चों का पेपर अच्छा हुआ था उन्होंने पढ़ाई से ब्रेक ले लिया था लेकिन अब दोबारा पढ़ाई करनी पड़ेगी। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगानी होगी। राजधानी शिमला में एनटीए ने नीट की परीक्षा के लिए 9 केंद्र स्थापित किए थे। 

करीब 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा
NEET (UG) 2026 परीक्षा में इस बार देशभर से करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। नीट परीक्षा देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 22.79 लाख छात्र शामिल हुए। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है।

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