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विश्व हृदय दिवस के मौके पर बदलती जीवनशैली और युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों को लेकर चिंता बढ़ रही है। पहले हार्ट अटैक और हृदय संबंधी बीमारियों को अधिक उम्र के लोगों से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब कम उम्र में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं। खासतौर पर 20 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में खानपान और जीवनशैली से जुड़े जोखिमों को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार जंक फूड, अत्यधिक तला-भुना भोजन, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का लगातार सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। बर्गर, पिज्जा, चिप्स, पेस्ट्री और अन्य फास्ट फूड में मौजूद अधिक वसा, नमक और शुगर का अत्यधिक सेवन वजन बढ़ने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
कम उम्र में शुरू हुई गलत खानपान की आदतों का असर आगे चलकर रक्त वाहिकाओं पर पड़ सकता है। धमनियों में वसा या प्लैक जमा होने से रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि शारीरिक गतिविधि की कमी, लगातार बैठे रहना, तनाव, नींद पूरी न होना और अनियमित दिनचर्या भी हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। युवाओं में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर शुरुआत से ही सावधानी बरतना जरूरी है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। वहीं ज्यादा तला-भुना, पैकेज्ड और जंक फूड सीमित करना जरूरी है।
रोजाना शारीरिक गतिविधि करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रखने, वजन नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
सबसे अहम बात यह है कि दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए उम्र बढ़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। युवावस्था से ही खानपान, व्यायाम, नींद और तनाव को लेकर सावधानी बरतने से भविष्य में हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
विश्व हृदय दिवस पर संदेश साफ है—अगर दिल से प्यार है तो अपनी थाली और अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान देना होगा। जंक फूड और अस्वस्थ जीवनशैली को आदत बनाने के बजाय संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाना ही दिल की सेहत के लिए जरूरी कदम है।








