

हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों बारिश, धूप और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लाहौल घाटी की ऊंची चोटियों पर बुधवार सुबह बर्फबारी हुई। शिंकुला दर्रे में करीब साढ़े सात सेंटीमीटर ताजा बर्फ गिरी है। घाटी की ऊंची चोटियों ने फिर सफेद चादर ओढ़ ली है। वहीं, कांगड़ा जिले के धर्मशाला, पालमपुर के साथ लगते इलाकों और हमीरपुर में बुधवार तड़के चार बजे के बाद बारिश हुई है। वहीं, प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मंगलवार रात को भी बारिश हुई। राजधानी शिमला में बादल और अन्य जिलों में धूप खिली रही। उधर, ऊना में प्रदेश में सबसे अधिक 35 डिग्री के आसपास तापमान रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में पांच से सात अक्तूबर तक ओलावृष्टि, अंधड़ और भारी बारिश का येलो अलर्ट है। कुछ मैदानों इलाकों में दो से चार तक भी हल्की बारिश के आसार हैं। इस दौरान उच्च और पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। वहीं, बीते 24 घंटों के दौरान सुजानपुर टिहरा में 37, पांवटा साहिब में 22.0, कांगड़ा में 17.6, भटियात में 15.1, नगरोटा सूरियां में 14, कोठी में 13, निचार में 9.2, जोगिंद्रनगर में 9.0, पालमपुर में 7.0, धर्मशाला में 3.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला में भी आज धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं।
शिमला में न्यूनतम तापमान 14.6, सुंदरनगर 20.5, भुंतर 19.2, कल्पा 8.2, धर्मशाला 16.8, ऊना 20.5, नाहन 19.8, पालमपुर 15.0, सोलन 18.5, मनाली 15.6, कांगड़ा 18.6, मंडी 21.1, बिलासपुर 22.5, हमीरपुर 21.6, कुफरी 11.8, कुकुमसेरी 8.5, नारकंडा 10.4, भरमाैर 15.3, रिकांगपिओ 12.5, बरठीं 21.0, पांवटा साहिब 22.0, ताबो 5.8 व बजाैरा में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस मानसून जून से सितंबर में राज्य में सामान्य से 39 फीसदी अधिक बारिश हुई। मानसून में 734.4 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया लेकिन इस दौरान 1022.5 मिमी बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से बुधवार को जारी 2025 की मानसून रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार इस मानसून में पिछले 125 वर्षों में 15वीं सबसे अधिक बारिश 1022.5 मिमी दर्ज की गई। यह पिछले 29 वर्षों में यह सर्वाधिक है। हालांकि, 1901 से 2025 तक की अवधि में सबसे अधिक बारिश 1314.6 मिमी वर्ष 1922 में दर्ज की गई थी।







