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रामपुर में भूस्खलन से तीन मकान क्षतिग्रस्त, चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर दरकी पहाड़ी, 560 सड़कें बंद

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रामपुर में भूस्खलन से तीन मकान क्षतिग्रस्त, चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर दरकी पहाड़ी, 560 सड़कें बंद
प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन से तबाही जारी है। बीती रात रामपुर बुशहर के पटवार वृत देवठी के गांव शील प्रोग में भूस्खलन से तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

हिमाचल में आसमान से आफत बरस रही है। प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन से तबाही जारी है। बीती रात रामपुर बुशहर के पटवार वृत देवठी के गांव शील प्रोग में भूस्खलन से तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से तुलसी दास पुत्र कालू, लेखराज पुत्र रामसेन, हरीश कुमार पुत्र बीरबल के घरों को नुकसान हुआ है। हालांकि, किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। किन्नौर के बधाल में देर रात बादल फटने से एनएच-5 को भारी नुकसान हुआ है।  एनएच निगुलसरी में बंद हो गया। यहां सड़क पर दरारें भी आ गई हैं। नाथपा सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन से राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 560 सड़कें बंद हैं। इसके अतिरिक्त 936 बिजली ट्रांसफार्मर और  223 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। 

हिमाचल में आसमान से आफत बरस रही है। प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन से तबाही जारी है। बीती रात रामपुर बुशहर के पटवार वृत देवठी के गांव शील प्रोग में भूस्खलन से तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से तुलसी दास पुत्र कालू, लेखराज पुत्र रामसेन, हरीश कुमार पुत्र बीरबल के घरों को नुकसान हुआ है। हालांकि, किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। किन्नौर के बधाल में देर रात बादल फटने से एनएच-5 को भारी नुकसान हुआ है।  एनएच निगुलसरी में बंद हो गया। यहां सड़क पर दरारें भी आ गई हैं। नाथपा सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन से राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित 560 सड़कें बंद हैं। इसके अतिरिक्त 936 बिजली ट्रांसफार्मर और  223 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। 

 मणिमहेश यात्रा 2025 के मद्देनजर, एसडीआरएफ कांगड़ा कंपनी की तीन टीमों को शुरू में 15 अगस्त को यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। बाद में इन्हें दो टीमों में पुनर्गठित किया गया, जो विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। इनमें से 16 कर्मी धनछो व  18 हड़सर में तैनात हैं। एसडीआरएफ के अनुसार खराब मौसम के कारण यात्रा बंद होने तक 21 अभियान चलाए, जिनमें 15 यात्रियों को जीवित बचाया और पांच मृतकों के शवों को निकाला।  लगातार बारिश ने क्षेत्र को बाधित कर दिया और 25 अगस्त 2025 तक सड़क और संचार संपर्क टूट गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में ही फंस गए। एसडीआरएफ के निरंतर प्रयासों के कारण, 3,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वर्तमान में एक टीम धनछो में तैनात है। दूसरी टीम कुगती-गैधर परिक्रमा मार्ग पर कार्यरत है।

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