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डॉ. अरुण ने पांच हजार बच्चों को समझाया फिजिक्स का फंडा, जगदीश दे रहे सेटेलाइट का ज्ञान

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उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सूची में राजकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय बिलासपुर के फिजिक्स विभाग के प्रवक्ता डॉ. अरुण कुमार का नाम भी है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहली बार कॉलेज स्तर पर राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार शुरू किया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सूची में राजकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय बिलासपुर के फिजिक्स विभाग के प्रवक्ता डॉ. अरुण कुमार का नाम भी है। उन्हें 5 सितंबर को शिमला में सम्मानित किया जाएगा। डॉ. अरुण ने 2009 में बंजार कॉलेज से बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर सेवाएं शुरू की। वर्तमान में बिलासपुर कॉलेज में कार्यरत हैं। फिजिक्स विषय को सरल भाषा में समझाने के लिए हाल ही में डॉ. अरुण ने प्रदेश के भी जिलों के करीब 5000 विद्यार्थियों को विशेष जानकारी दी। उनके छह विद्यार्थी विदेशों से पीएचडी कर रहे हैं। डॉ. अरुण का जन्म घुमारवीं उपमंडल के भमराल गांव में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भराड़ी से प्राप्त की। वर्तमान में वह परिवार सहित पनीह गांव में रहते हैं। अपनी उपलब्धि का श्रेय उन्होंने परिजनों और साथियों को दिया है। 

जिला सिरमौर के डॉ. वाईएस परमार स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन के सहायक आचार्य डॉ. जगदीश चंद का चयन हिमाचल प्रदेश राज्य अवॉर्ड-2025 के लिए हुआ है। उन्हें यह सम्मान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सेवाओं के लिए दिया जा रहा है। उनके प्रयासों से इसरो ने संगड़ाह और नाहन कॉलेज में सुदूर संवेदन और भौगोलिक सूचना प्रणाली के प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का दूरस्थ शिक्षा प्रणाली केंद्र स्थापित किया। इसमें दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ा है और निशुल्क शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं। केंद्र में छात्रों को इसरो और सेटेलाइट का ज्ञान दिया जा रहा है। डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि उनका नाम सूची में होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह सब उनके शुभचिंतकों और छात्रों के सहयोग से संभव हुआ है। वह राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन में आपदा प्रबंधन के प्रमुख स्रोत व्यक्ति भी हैं।

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ठियोग के शिक्षक विकास नाथन का भी चयन हुआ है। वर्तमान में वे ठियोग डिग्री कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले संजौली कॉलेज में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने संजोली कॉलेज को एनएएसी ग्रेड दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, जिससे हिमाचल का ए प्लस पाने वाला एकमात्र कॉलेज बन पाया। उन्होंने केंद्रीय योजना डीबीपी के कई प्रोजेक्टों में अहम भूमिका निभाई। इस कारण केंद्र से कॉलेज को एक करोड़ की राशि स्वीकृत हो पाई। उन्होंने एनएसएस ऑफिसर के रूप में काम करते हुए सौ से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर भेजने का काम किया। इनके मार्गदर्शन में छात्रा आस्था ने नेशनल यूथ पार्लियामेंट में पहला स्थान हासिल किया। नाथन विद्यार्थियों के लिए नवाचार करने के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर नए कोर्स मुहैया करवाने में सफल रहे हैं। उनके प्रयासों से कई विद्यार्थियों ने एमएसई के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त किया है।


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