

सीमा सड़क संगठन हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। संगठन तांदी-किलाड़-थिरोट-संसारी नाला सड़क को डबललेन कर इसे राष्ट्रीय राजमार्ग में अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है। सड़क निर्माण के लिए तांदी से सलग्रां तक लगभग 100 बीघा निजी भूमि का अधिग्रहण होना है। यह सड़क तैयार होने के बाद पठानकोट से लेह और कारगिल की दूरी भी कम होगी, जिससे सामरिक दृष्टि से देश की सरहद और मजबूत होगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए प्रभावित पंचायतों में 17 से 22 सितंबर तक जन सुनवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त एवं प्रशासक एसकेटीटी कल्याणी गुप्ता ने बताया कि धारा 16 भूमिअर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्था अधिनियम में प्रभावित लोगों के सुझाव लेकर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बीआरओ इस सड़क पर पुलों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करेगा। करीब 19 नालों पर डबललेन कंक्रीट पुल बनाए जाएंगे। इनमें लोट, रंगबे, शांशा, जाहलमा, जुंडा, क्वांग, थिरोट, मयाड़, मड़ग्रां, कुरचेड, धादल और सिस्सू शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार कई पुलों का कार्य पूरा भी किया जा चुका है, जबकि बाकी की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसे जल्द रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। करीब 140 किलोमीटर लंबी तांदी-किलाड़-थिरोट-संसारी नाला सड़क के चौड़ीकरण के लिए राज्य सरकार पहले ही भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर चुकी है। तांदी से संसारी नाला तक 144 किमी क्षेत्र बीआरओ की 94 आरसीसी के अधीन है, जबकि संसारी नाला से किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) तक 146 किलोमीटर का जिम्मा बीआरओ की दूसरी कंपनी के पास है।







