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हिमाचल के किन्नौरी सेब की देशभर में धूम,जिले के सेब की मिठास, स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता के चलते हो रही ज्यादा मांग ,बागवानों को मिल रहे चोखे दाम

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हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का सेब धूम मचा रहा है। जिले के सेब की मिठास, स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता के चलते ज्यादा मांग है।

देशभर की मंडियों में हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का सेब धूम मचा रहा है। जिले के सेब की मिठास, स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता के चलते ज्यादा मांग है। इन दिनों जिले के पूह और कल्पा ब्लॉक में सेब सीजन जोरों पर है। बागवानों को मंडियों में बेहतर दाम मिलने से चेहरे खिले हुए हैं। उन्हें 22 किलोग्राम पेटी के लिए 2,500 से 2,800 रुपये तक कीमत मिल रही है। जिले में सेब सीजन आमतौर पर नवंबर तक चलता है। किन्नौर से इस साल अब तक देश और प्रदेश की मंडियों में 17,46,967 सेब की पेटियां भेजी जा चुकी हैं। निचार ब्लॉक से सेब सीजन लगभग समाप्त हो चुका है। यहां से 8,60,781 पेटियां भेजी गई हैं। इसके अलावा कल्पा और पह ब्लॉक में सीजन चरम पर है।

कल्पा से 4,71,798 और पूह से 4,39,504 पेटियां भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा एपीएमसी और एचपीएमसी ने बागवानों से 8450 बोरियां भी खरीदी हैं। इस साल यूनिवर्सल कार्टन लागू होने के कारण सेब की एक पेटी 22 किलोग्राम पैकिंग में बिक रही है। गिफ्ट पैक की कीमत 1100 से 1500 रुपये है। बागवान रतनपुर, शिमला, सोलन, चंडीगढ़/पिंजौर, दिल्ली, मुंबई विथल, सैंज, खेगसू, मतियाना, परमाणु और नारकंडा मंडियों में अपनी फसल बेचने जा रहे हैं। बागवानों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार किन्नौर के सेब को बेहतर दाम मिल रहे हैं। उद्यान विभाग किन्नौर के उपनिदेशक डॉ. बीएस नेगी ने बताया कि जिले से अब तक साढ़े 17 लाख पेटियां मंडियों में भेजी जा चुकी हैं। इस साल कुल 33 लाख पेटियों के उत्पादन की उम्मीद है। 

आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल किन्नौर जिले में 48.31 लाख पेटियों का उत्पादन हुआ था। इस वर्ष 33 लाख पेटियों का अनुमान है। इस बार मई में भावावैली में हुई ओलावृष्टि और मौसम में फेरबदल के कारण उत्पादन घटा है। इस हिसाब से लि में लगभग 15 लाख पेटियों की कमी होने की संभावना है। डॉ. नेगी ने बताया कि असली स्थिति सेब सीजन के समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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