Home Himachal Weather हिमाचल में बारिश ने मचाई आफत! सबसे ज्यादा प्रभावित इन जिलों में...

हिमाचल में बारिश ने मचाई आफत! सबसे ज्यादा प्रभावित इन जिलों में क्या है मौजूदा हालात, जानें पूरी खबर

23
0
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से जनजीवन और सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हैं। 24 अगस्त की राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 121 सड़कें बंद, 31 बिजली ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं बाधित हैं। मंडी और कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वहीं 30 जून से 23 अगस्त तक मानसून में आपदा से 230 लोगों की मौत, 920 मकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने और 1,13,733.16 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से सार्वजनिक सुविधाओं पर असर जारी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 24 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 121 सड़कें बंद, 31 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित और 19 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। रिपोर्ट में 23 अगस्त की शाम की तुलना में सड़कों की संख्या में मामूली कमी दर्ज हुई है।

सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिला है। मंडी में कुल 61 सड़कें बंद हैं। इनमें सेरज उपमंडल में 38, थलौट में 13, पधर में छह और धर्मपुर में तीन सड़कें शामिल हैं। कुल्लू में कुल 31 सड़कें बंद हैं, जिनमें कुल्लू उपमंडल की 14, निरमंड की आठ, आनी की पांच और बंजार की चार सड़कें शामिल हैं।

कांगड़ा में आठ और चंबा में सात सड़कें बंद हैं। शिमला जिले में चार सड़कें, सिरमौर में पांच और ऊना में चार सड़कें प्रभावित हैं। लाहौल-स्पीति में भी एक सड़क बंद है। बिलासपुर, किन्नौर और सोलन में रिपोर्ट के अनुसार सड़क बंद होने का आंकड़ा शून्य है। बिजली आपूर्ति की बात करें तो प्रदेश में 31 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हैं। इनमें कुल्लू में 18, मंडी में नौ और शिमला में एक ट्रांसफार्मर शामिल है। इसके अलावा कांगड़ा में तीन डीटीआर प्रभावित हैं।

पेयजल आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। प्रदेश में 19 वाटर सप्लाई स्कीमें बाधित हैं। कांगड़ा में एक, जबकि शिमला में चार और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी पेयजल योजनाओं पर असर दर्ज किया गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट में कुल 19 योजनाओं के बाधित होने की पुष्टि की गई है।

मानसून सीजन में 30 जून से 23 अगस्त तक प्रदेश में आपदा से 230 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा 333 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में 920 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 1,444 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार मानसून से अब तक कुल नुकसान 1,13,733.16 लाख रुपये आंका गया है।

जिलावार आपदा से मौतों में चंबा में 13, कांगड़ा में 16, कुल्लू में नौ, लाहौल-स्पीति में 14, मंडी में नौ, शिमला में 12 और सिरमौर में 11 मौतें दर्ज की गई हैं। सड़क हादसों में मानसून अवधि के दौरान प्रदेश में 136 मौतें दर्ज हुई हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here